Lamhe

गुज़रे हुए लम्हों को आज ज़ब मैंने मुड़ के देखा, बंद पन्नों से जब धुल उड़ा देखा, चाँद को देखा, कुछ सितारे देखे, बारिश देखी, बादलों में छुपा आसमां देखा, धुंधली तस्वीरों में छुपे इशारे देखे, कुछ सपने थे, थीं कुछ यादें, कुछ नम थीं, तो कुछ थे खुशियों के वादे, टूटी हुई कसमें थीं तो कुछ […]

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दो लम्हे!!!

Some random thoughts, some random feeling! I was going through old pages of my diary and found an incomplete poem. So just worked a little to complete it. It sure is very nostalgic! ज़िन्दगी के सफ़र में हम चले साथ, दो कदम ही थे वो, बहुत बड़ी थी बात, शायद अब तुम साथ न आओ, या फिर ख़ुशी से मुझे भूल जाओ, एक ख्वाइश रखता हूँ, बस एक गुज़ारिश करता हूँ, बस दो लम्हे और दे दो, दो कदम और साथ चल लो, इस लम्हे में ज़िन्दगी जी  लूँ, कोशिश करूँगा, वादा है मेरा तुझे भी न भूलने दूंगा, सोचोगे तुम भी कुछ ऐसा छूट गया, एक पल में एक दिल टूट गया, पर ए मेरे दोस्त तू जा, जिंदा रहूँगा मैं ये सोच, जिसे था चाहा, साथ उसके लिए दो लम्हे बिता।

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सफ़र !!!

आज जब मैं ज़िन्दगी के पन्ने पलटता हूँ, उस धुंधली तस्वीर से धुल उदा देखता हूँ, सुनहरी यादों से भरी एक रह नज़र आती है, चले थे जिस पर अकेले हम, पर आज इक भीड़ नज़र आती है, की हर चेहरा इक कहानी बयां करता है आज, कहीं है प्यारी सी हंसी तो कहीं छुपे […]

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मेरा “मैं” !

”  यूँही सोचा मैंने, चलो खुद से मिल कर आते हैं, “खुद से मिल कर आते हैं???” सोचा मैंने आखिर कैसे? कहाँ खोजूं खुद को? कहाँ मिलेगा मुझे मेरा “मैं”, दुन्ड़ता रहा हर राह, हर डगर, एक बार फिर सोचा मैंने आखिर कहाँ हूँ मैं? क्यूँ  हूँ मैं? एक दिन उस ऊपर वाले से भी […]

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